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देश में होने वाले NPR पर गृह मंत्री अमित शाह के इस बड़े बयान ने NPR के खिलाफ खड़े लोगों को दी राहत की सांस !

एनआरसी के खिलाफ पूरे देश में हो रहे हिंसक प्रदर्शन के बाद अब भातरीय सरकार के कानों में जूं रेंगी है। बीते दिन बुधवार को एनआरसी के मामले पर केंद्रीय सरकार ने एक बड़ा बयान दिया है। सरकार ने नागरिकों से ये साफ कह दिया है कि अब उन्हें एनआरसी के लिए किसी दस्तावेज़ की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अपने में कहा है कि किसी को भी घर घर सर्वे के दौरान एनआरसी में अपना नाम अपडेट कराने के लिए दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि एनआरसी अपडेट के लिए घर घर होने वाले सर्वे में लोग जो जानकारी मुहैया कराएंगे उसे स्वीकार किया जाएगा।

वहीं आपको बता दें कि गृह मंत्री द्वारा एनआरसी पर आए इस बयान के बाद अब नागरिकों को अपने दस्तावेज़ों के लिए परेशान होनी की जरूरत नहीं है। क्यूंकि गृह मंत्रालय के आदेश अनुसार एनआरसी के सर्वे के दौरान आपके द्वारा दिखाए किसी भी दस्तावेज़ को स्वीकार किया जाएगा। जबकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 27 दिसंबर को बैठक में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को अपडेट करने की मंजूरी दे दी है। इसके अपडेशन के काम के लिए 8500 करोड़ रुपये के फंड को भी अनुमति दी गई है।

दरअसल राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) कीअपडेट करने की प्रक्रिया की शुरुआत इसी साल होगी। एनपीआर द्वारा देश में रह रहे नागरिकों का रजिस्टर होगा। वहीं देश में रह रहें सभी नागरिक के लिए रजिस्टर में नाम दर्ज कराना जरूरी होगा। एनपीआर में ऐसे लोगों का लेखा जोखा होगा, जो किसी इलाके में 6 महीने या उससे अधिक समय से रह रहे हों।

वहीं गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर ये साफ किया है कि द हिंदू की खबर में सरकारी अधिकारी की जो खबर छपी है वह गलत है, एनपीआर की प्रक्रिया की सही जानकारी के बगैर यह खबर छापी गई है। बता दें कि द हिंदू ने खबर प्रकाशित की थी कि एनपीआर ट्रायल फॉर्म को सरकार की रजामंदी मिली। गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि खबर में सरकारी अधिकारी का गलत बयान छापा गया है।

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