अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई मुख्य इलाकों की मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी थी। ताकि किसी भी तरह से हिंसा ना फैले। केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद आज पहली बार करगिल में मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू की गई है। अनुच्छेद 370 के बाद 145 दिन पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इंटरनेट बंद किया गया था।

करगिल के अलावा केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के अन्य जिलों और कश्मीर घाटी में अभी भी इंटरनेट सेवाएं बहाल नहीं की गई हैं। अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने के चार महीने बाद मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन की बहाली हुई है।

बता दें, भारत सरकार के पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने और उसे केन्द्र शासित प्रदेश घोषित करने के बाद से ही वहां कई प्रतिबंध लगे हुए हैं। मालूम हो कि इसी महीने भारतीय-अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने अमेरिकी संसद में जम्मू-कश्मीर पर एक प्रस्ताव पेश करते हुए भारत से वहां लगाए गए संचार प्रतिबंधों को जल्द से जल्द हटाने और सभी निवासियों की धार्मिक स्वतंत्रता संरक्षित रखे जाने की अपील की थी।

भारतीय-अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल द्वारा कई सप्ताह के प्रयासों के बाद प्रतिनिधिसभा में पेश किए गए। इस प्रस्ताव को कंसास के रिपब्लिकन सांसद स्टीव वाटकिंस के रूप में केवल एक सदस्य का समर्थन प्राप्त हुआ था।

प्रस्ताव में भारत से पूरे जम्मू-कश्मीर में संचार सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने की अपील की गई थी। साथ ही बीजेपी के सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल ने भारी बर्फ़बारी के कारण लद्दाख में हो रही दिक्कतों से सरकार को अवगत कराते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने की अपील की थी।

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